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पड़ाव: आचार्य पं. सीताराम चतुर्वेदी की 21वीं पुण्यतिथि सादगी और श्रद्धा के साथ मनाई गई

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चंदौली (धर्मेंद्रप्रजापति)-पड़ाव स्थित आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय में बाल शिक्षा मंडल काशी के संस्थापक आचार्य पंडित सीताराम चतुर्वेदी की 21वीं पुण्यतिथि सादगी व श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय, बाल विद्यालय डोमरी के निदेशक मुकुल पाण्डेय, सीएमओ अपूर्वा पाण्डेय तथा प्रधानाचार्या नीता त्रिपाठी द्वारा आचार्य जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
इस अवसर पर संगीत शिक्षक हरेंद्र पाण्डेय और दीपक मिश्र ने आचार्य जी के प्रिय भजन “झीनी रे झीनी चदरिया” तथा “वैष्णव जन” प्रस्तुत कर श्रद्धा का वातावरण बनाया।
महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने अपने विचार व्यक्त करते हुए आचार्य जी के जीवन और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वह आचार्य जी की प्रिय नतिनी हैं और उनके जीवन से जुड़े कई संस्मरण साझा किए। उन्होंने यह भी कहा कि आचार्य जी काशी में अपना शरीर त्यागना नहीं चाहते थे, जो उनके जीवन दृष्टिकोण को दर्शाता है।


विद्यालय की शिक्षिका डॉली ने आचार्य जी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनके “चम्पू काव्य” की विशेषताओं से उपस्थित लोगों को अवगत कराया। वहीं विद्यालय के निदेशक मुकुल पाण्डेय ने अपने नाना आचार्य पंडित सीताराम चतुर्वेदी की विद्वता का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने साहित्य, शिक्षा और रंगमंच सहित कई क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने आचार्य जी द्वारा लिखित नाटकों का मंचन विद्यालय में जल्द कराने की भी घोषणा की।
कार्यक्रम में डॉ. अरुण कुमार दुबे ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए आचार्य जी के योगदान को स्मरण किया। अंत में महाविद्यालय व विद्यालय के सभी शिक्षक–शिक्षिकाओं और छात्राओं ने आचार्य जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।कार्यक्रम का संचालन डॉ. लक्ष्मी ने किया।

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