
चंदौली संवाददाता(ओपी श्रीवास्तव )उत्तर प्रदेश एसटीएफ को बड़ी कामयाबी मिली है। थाना सैयदराजा, जनपद चंदौली से वांछित 50 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त खलील को एसटीएफ टीम ने चंदौली से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त खलील पुत्र रफीक उर्फ रतिक निवासी नगला आकिल थाना अजीमनगर, जनपद रामपुर का रहने वाला है।
एसटीएफ को फरार और इनामी अपराधियों के सक्रिय होने की सूचना मिल रही थी, जिसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ लाल प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में टीम गठित कर अभिसूचना संकलन किया जा रहा था। इसी क्रम में टीम को सूचना मिली कि थाना सैयदराजा में दर्ज मुकदमा संख्या 38/2023 (धारा 3/5ए/5बी/8 गोवध निषेध अधिनियम व 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम) में वांछित और 50 हजार रुपये का इनामी अभियुक्त खलील मिशलपुर, दिल्ली-कोलकाता हाईवे स्थित डीग्धी गांव मोड़ के पास मौजूद है।
सूचना पर मुख्य आरक्षी प्रभाकर पाण्डेय व गौरव सिंह की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खलील ने बताया कि उसका एक संगठित गिरोह है, जो यूपी, हरियाणा, पंजाब व बिहार से गोवंशीय पशुओं की तस्करी कर असम व पश्चिम बंगाल तक पहुंचाता था। मार्च 2023 में सैयदराजा थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद वह बिहार, हरियाणा, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद में छिपकर रह रहा था। उसके खिलाफ न्यायालय से एनबीडब्ल्यू तथा धारा 82/83 सीआरपीसी की कार्रवाई भी हो चुकी है।
गिरफ्तार अभियुक्त को सैयदराजा थाने में दर्ज मुकदमे में दाखिल कर आगे की विधिक कार्रवाई स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
लंबा आपराधिक इतिहास
खलील के खिलाफ विभिन्न जनपदों में गोवध निषेध अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2005 से 2024 तक अमरोहा, गाजियाबाद, रामपुर, कुशीनगर, हरदोई, उन्नाव और चंदौली समेत कई जिलों में उसके खिलाफ कुल 14 मुकदमे दर्ज पाए गए हैं।
एसटीएफ की इस कार्रवाई को जनपद पुलिस ने बड़ी सफलता बताया है। पुलिस के अनुसार गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है और आगे की जांच के आधार पर अन्य गिरफ्तारियां संभव हैं।