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RRI से GTR ब्रिज तक असुरक्षित है रेलवे यार्ड,पोल लगा लेकिन बारबेड वायर

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डीडीयू मंडल-(महेन्द्र प्रजापति)-खबर पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन पर सुरक्षा से जुड़ी है जिसके लिए तमाम उपाय किए जा रहे हैं। इसके तहत कई जगह खुले मार्गों पर लोहे के गेट लगाए गए हैं,बाउंड्री वॉल भी किये जा रहे हैं, साथ ही स्टेशन के दोनो छोर पर लगेज स्कैनर लगा दिए गए हैं लेकिन लापरवाही का आलम यह है कि लगेज स्कैनर सिर्फ अधिकारियों के आवागमन के समय तक ही चलते हैं बाकी समय में ये बंद पड़े रहते हैं।

बन्द रहता है लगेज स्कैनर

वीआइपी गेट से वाहनों का अनाधिकृत प्रवेश बन्द

●वहीं दूसरी तरफ यार्ड में अनाधिकृत प्रवेश रोकने के लिए आरआरआई से जीटीआई ब्रिज तक करीब एक दशक से पोल लगाकर फेंसिंग के लिए छोड़ दिया गया है। लेकिन अब तक रेल अधिकारी बार्बेड वायर लगवाने की जहमत नही उठा पाए। दरअसल यार्ड की सुरक्षा का जिम्मा आरपीएफ़ की है और इंजीनियरिंग विभाग द्वारा बारबेड वायर लगाया जाना है लेकिन फेंसिंग न हो पाने के पीछे सुरक्षा एजेंसियों की क्या मंशा है ये समझ से परे है।

एक दशक से पोल लगा कर नही करा पाए फेंसिंग

एक दशक से बारबेड वायर की बाट जोह रहे पोल

शराब तस्करों के लिए महफूज के यार्ड के खुले रास्ते

●ज्ञातव्य है कि बिहार शराब तस्करी में डीडीयू जंक्शन पर कड़ाई के बाद ज्यादातर शराब की खेप यार्ड से ही चढ़ाए जाने में मामले प्रकाश में आ रहे हैं।पोल के समीप झाड़ियों में छुपना भी आसान है और चोरों द्वारा यात्रियों का सामान लेकर भागना भी आसान है।मतलब साफ है हाथी के दांत खाने के और,दिखाने के कुछ और।एक तरफ कड़ाई दिखा कर दूसरे तरफ से अपराध को बढ़ावा देने में मदद भी कर रहे हैं।ऐसे में अगर उच्चाधिकारी ध्यान दे तो शराब तस्करी, यार्ड में ट्रेनों में चोरी,कोयला चोरी जैसे मामले काफी कम किये जा सकते है। नवागत कमांडेंट दिनेश सिंह तोमर के चार्ज लेने से पूर्व तमाम अटकलें लगाई जा रही थी कि भ्रष्टाचार व अपराध पर लगाम लग पायेगा मगर अब तक धरातल पर ऐसा कुछ नही दिखा जिससे अपराध रुक सके।

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